Ek Ghazal Holi Par

रह न जाए रंज ओ मलाल होली में
गाल ये है मल दो गुलाल होली में

मजा तो तब है इस त्यौहार का यारों
खेलें मिल कर राबर्ट जमाल होली में

घोट लो ठंडाई या छान लो भांग भी
पैग भी चाहो तो चढ़ा लो यार होली में

तोड़ दो बंधनों को सभी वर्जनाओं को
पूछो मुझसे न कोई सवाल होली में

चूड़ी खनका के या कोई और इशारा करके
पास अकेले  बुला कर देखो इस बार होली में

बहुत हो चुका लड़ना भिड़ना साल भर यारों
प्यार से कुछ क्षण साथ लो गुजार होली में

घर में  मुंह छुपा  के क्यों  बैठ गये शर्मा जी
क्या मस्त मस्त  सी चल रही बयार होली में

भगवा, हरा, बैंगनी, नीला, पीला,लाल  भी
सब  रंग साथ साथ मिले देखो कमाल होली में

बहक गया हूं माफ कर देना यारों मुझको
यह तो मस्ती का आलम धमाल होली में

copy right pradeep gupta 2017

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