ghazal : वो गया वक्त अचानक से याद आया होगा तेरा एहसास ही मुझे खींच के लाया होगा
वो गया वक्त अचानक से याद आया होगा
तेरा एहसास ही मुझे खींच के लाया होगा
लोग मिलते हैं और जुदा हो जाते हैं
पर यह मंजर अलग सा नज़र आया होगा
साथ जब दिन के उजाले ने कहीं छोड़ दिया
रास्ता जुगनुओं ने ही दिखाया होगा
कितने दिन रात लगे होंगे भुलाने में मुझे
टूटे ख़्वाबों ने तुझे भी तो सताया होगा
प्यार तो प्यार है बच्चों का कोई खेल नहीं
हादसों ने ये सबक उसको सिखाया होगा
उठाये होंगे जब दुआ में अपने हाथ
ख्याल मेरा कभी भूले से जो आया होगा
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