ghazal

जिगर में हौसला हो तो सारा जहाँ अपना है
जमीन अपनी है यह आसमां अपना है

शिकायत किस से करू अपना मकान लुटने की
रहजन मुंसिफ ही नहीं सारा निजाम इनका है

दिलों को जोडके खुशिया ला सके वापस
फ़रिश्ते मिल सकें ऐसा मेरा सपना है

रहमतें वरसी इस बार मेरे घर के आगे
दमन खाली रहा कसूर अपना है


- PRADEEP GUPTA

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