ghazal

बहार बेरंग हुई चमन की बात कौन करे
सदी तो लुट चुकी वतन कि बात कौन करे

अपने बेटे हैं बहुएं हैं और बीवी हैं
फिर इलेक्शन में अन्ना की बात कौन करे

रोज मरता है और मरके जीता है
इस गली के कल्लू की बात कौन करे

दोस्तों यह कोठरी है काजल की
उजले चेहरों की बात कौन करे

सिलसिला भीख से मुफलिसी मिटाने का
फिर जतन और कारसाजी कौन करे


- PRADEEP GUPTA

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